वो और मैं..!

🎵 मिली थी जिन्दगी, किसी के ‘काम’ आने के लिए।🎵

🎵 पर वक्त बीत रहा है, कागज के टुकड़े कमाने के लिए।🎵

🎵 क्या करोगे, इतना पैसा कमा कर..??🎵

🎵 ना कफन मे ‘जेब’ है, ना कब्र मे ‘अलमारी..!🎵

🎵 और ये मौत के फ़रिश्ते तो, ‘रिश्वत’ भी नही लेते।🎵

🎵 खुदा की मोहब्बत को, फना कौन करेगा ?🎵

🎵 सभी बंदे नेक तो, गुनाह कौन करेगा ?🎵

🎵 “ऐ ख़ुदा मेरे इन दोस्तों को, सलामत रखना…🎵

🎵 वरना मेरी सलामती की, दुआ कौन करेगा ??🎵

🎵 और रखना मेरे, दुश्मनो को भी महफूज़…🎵

🎵 वरना मेरी, तेरे पास आने की, दुआ कौन करेगा ?”🎵

🎵 ख़ुदा ने मुझसे कहा,”इतने दोस्त ना बना, तू धोखा खा जायेगा”🎵

🎵 मैने कहा – “ए खुदा, तू ये पढ़नेवालों से, मिल तो सही,🎵

🎵 तू भी धोखे से, दोस्त बन जायेगा”🎵

🎵 नाम छोटा है, मगर दिल बड़ा रखता हूँ।🎵

🎵 पैसोँ से उतना, अमीर नही हूँ।🎵

🎵 मगर अपने यारों के, ग़म खरीदने की, हैसियत रखता हूँ।🎵

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